अलर्ट! 27-28 जनवरी को फिर होगी बारिश और ओलावृष्टि, किसान भाई अभी से हो जाएं सतर्क।
किसान भाइयों, उत्तर भारत के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले दिनों दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान में हुई मूसलाधार बारिश और पहाड़ों पर भारी बर्फबारी ने सर्दी के तेवर फिर से कड़े कर दिए हैं। हालांकि आज यानी 24 जनवरी से मैदानी इलाकों में मौसम साफ होने लगा है, लेकिन पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के तापमान में भारी गिरावट आएगी। किसान भाइयों, इससे एक बार फिर ठिठुरन वाली सर्दी की वापसी होने जा रही है, इसलिए अपनी फसलों और पशुओं के बचाव के लिए तैयारी रखें।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पहाड़ों पर अभी भी कुछ इलाकों में बारिश और बर्फबारी जारी रहेगी। विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल के ऊपरी हिस्सों में आज भी मौसम सक्रिय रहेगा। मैदानी इलाकों में धूप खिलने के बावजूद मिनिमम टेंपरेचर तेजी से नीचे गिरेंगे। हालांकि, गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी जा सकती है, लेकिन उत्तर भारत के किसानों के लिए आने वाले दो-तीन दिन फिर से कड़ाके की ठंड लेकर आएंगे।
आने वाले दिनों की बात करें तो 26 जनवरी की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) पहाड़ों पर दस्तक देगा। इसके प्रभाव से 27 और 28 जनवरी को एक बार फिर उत्तर भारत के मौसम में हलचल बढ़ेगी। राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में 26 तारीख से ही हल्की बारिश शुरू हो सकती है, जबकि 27 तारीख को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ओलावृष्टि और बारिश की संभावना जताई जा रही है। किसान भाइयों, ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए खेतों में जल निकासी और तैयार फसलों के प्रबंधन पर ध्यान देना जरूरी है।
दक्षिण भारत की बात करें तो तमिलनाडु, केरल और दक्षिणी कर्नाटक के कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने वाली हैं। कुल मिलाकर कहें तो उत्तर भारत के लिए जनवरी का आखिरी हफ्ता बारिश, बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के साथ बीतेगा। मध्य और पूर्वी भारत में भी बर्फीली हवाओं का असर दिखेगा, जिससे रात और सुबह के समय ठंड काफी बढ़ जाएगी। मौसम की पल-पल की जानकारी लेते रहें ताकि खेती-किसानी के कामों में कोई रुकावट न आए।